शिवराज सिंह चौहान
मान. मुख्यमंत्री
प्रसन्नता का विषय है कि वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए गठित मध्यप्रदेश राज्य वरिष्ठ नागरिक कल्याण ... और पढ़े
गोपाल भार्गव
मान. मंत्री
प्रदेश में जनसंख्या के बड़ते दबाव के साथ वरिष्ठजनों की संख्या में भी बढोत्तरी हो रही है| समाज में आ रहे ...

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भारत में जीवन की बढ़ती संभावनाओं में बढ़ोत्तरी के कारण वरिष्ठ जनों की जनसंख्या में वृद्धि देखी जा रही है। इसके तहत वरिष्ठ जनों से संबंधित विषयों पर आधारित योजनाओ एवं कार्यक्रमों में अधिक ध्यान देने की आवश्यकता परिलक्षित हो रही है। भारतीय समाज में वरिष्ठ जनों का हमेशा ही एक आदरणीय एवं सम्मानपूर्ण स्थान रहा है, जो सामाजिक संस्थाओं एवं संयुक्त परिवार प्रथा में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते है। वरिष्ठ जनों की देखरेख एवं सरंक्षण समाज की मान्यताओं एवं नियमों के तहत जुड़ा हुआ है।

आधुनिकीकरण एवं वैष्वीकरण तथा अन्य महत्वपूर्ण कारणों यथा औद्यौगीकरण, शहरीकरण एवं लोगो के पलायन के कारण सामाजिक संस्थाओं एवं परिवारों इत्यादि में तेजी से परिर्वतन हो रहा है, इसके साथ ही संयुक्त परिवारों के टूटने एवं एकल परिवारों की बढ़ती संख्या को देखते हुए समाज में वरिष्ठ जनों के समक्ष उनके कल्याण एवं संरक्षण हेतु विपरीत परिस्थितियां पैदा हो गई है।

वर्तमान स्थिति में उन्नत एवं विकसित हो रहे देशो में वरिष्ठ जनों की आयु निर्धारण के संबंध में मतभेद है। वरिष्ठजनों से संबंधित मुद्दे एवं समस्याएं वर्तमान में एक चुनौती के रूप में उपस्थित हो गया है।

 
मध्यप्रदेश का प्रथम स्थान
  • राज्य वरिष्ठ नागरिक आयोग का गठन करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है।
  • मध्यप्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थयात्रा कराने वाला प्रथम राज्य मध्यप्रदेश है।